Google’s 200 ranking factors: पूरी जानकारी हिंदी में

Google's 200 ranking factors पूरी जानकारी हिंदी में
Google's 200 ranking factors पूरी जानकारी हिंदी में

अगर आप ब्लॉग्गिंग करते हैं तो आप यह जानते होंगे की किसी भी site को रैंक करने के लिए गूगल 200 factors पर काम करता है। और हम इन सभी ranking factors कुछ ही को जानते हैं और उन्ही factors को अपने blog पर अमल करते हैं। Friends हम सभी चाहते हैं की हमारी website गूगल के पहले page पर रैंक हो। लेकिन ranking factors की जानकारी न होने के कारण हम ऐसा नहीं कर पाते हैं। Internet पर कुछ ही जगहों पर इन फैक्टर्स के बारे में बताया है। और जो कुछ जानकारी मौजूद है वह English में available है और वह काफी complex और complicated है। मैं आज आपको अपने इस article में काफी simple तरीके में इन सभी factors को समझाने की कोशिश करूँगा।

Friends गूगल काफी सारे algorithms पर काम करता है। और उन्हीं algorithms के हिसाब से google ने इन factors को design किया है। तो चलिए जानते है इन सभी factors के बारे में।

  1. Domain Age :- आपकी वेबसाइट कितनी पूरानी है और आप कितने time से अपनी website के माध्यम से service provide कर रहे हैं। यह एक बहुत बड़ा factor है जिसकी help से गूगल किसी भी साइट को रैंक करता है।
  2. Domain Validity :- किसी भी website को रैंक करने के लिए गूगल उसके domain name की expiry date को consider करता है। बहुत सारी companies पहले से ही सालों के लिए अपना domain register करवा लेती हैं। जिससे उन्हें रैंकिंग में फायदा मिलता है।
  3. Domain Authority :- जिस site का domain authority score ज्यादा होता है google उसी site को ऊपर rank करता है। और आप जानते है की domain authority के लिए आपको अपनी site से बेहतर sites से backlinks बनाने पड़ते है।
  4. Domain History :- किसी भी site को रैंक करने में google यह check करता है की पिछले कुछ time से आपकी website की या domain की performance कैसी है। अगर google ने past में कभी आपकी website को penalize किया है तो यह आपकी साइट की ranking पर असर डाल सकता है।
  5. Public and private who is :- इसे समझने के लिए पहले आपको who is privacy के बारे में समझना होगा। जिसे domain privacy भी कहते हैं जो आपको आपकी domain company provide करती है। यह domain privacy आपकी personal information को public होने से रोकती है। अब अगर आपने अपनी who is privacy को on किया हुआ है तो google इसे spam में count करता है। और उसे लगता है की आप कुछ छिपाना चाहते हैं।
  6. Country TLD extension :- अगर आपने अपनी वेबसाइट का domain अपनी country के हिसाब से register कराया है। For example – .in, .uk, .us, तो आपका domain उस particular country में अच्छा रैंक करेगा। लेकिन उसी domain का globally rank करना थोड़ा मुश्किल है।
  7. W3C Standards :- अगर आपकी website में काफी सारे HTML error हैं तो यह google को poor website quality का message भेजता है। जो आपकी रैंकिंग पर effect डालता है।
  8. Parked domain :- अगर किसी domain या website पर काफी समय से कोई modification नहीं हुई है तो वह site गूगल में अपनी visibility खो देती है। और ऐसी वेबसाइट को parked website कहते हैं। For example – किसी website पर coming soon या under construction लिखा हो।
  9. Affiliate Sites :- Generally google हमें यह बताता है की आप अपनी website में original content डालें। जिससे आपकी audience को फायदा मिल सके। लेकिन अगर आपने अपनी website पर जरुरत से ज्यादा affiliate link use किये हुए है तो यह आपकी website की ranking पर असर डालता है।
  10. Contact credential :- अगर आपने अपनी site पर contact information को सही तरीके से बताया है तो यह आपके लिए ranking में help कर सकता है। हमेशा कोशिश करें की आपकी domain registration के वक़्त दी हुई details आपकी site की details से match करती हो।
  11. Trust score ranking factor :- Google trust score ranking factor को most valuable factor में count करता है। Trust score basically आपकी site पर reviewer के satisfaction से count किया जाता है की user आपकी service से satisfy है या unsatisfied.
  12. Website Architecture :- अगर आपने अपनी website को सही तरीके से design किया है तो google के boats आपकी site पर आसानी से crawl कर सकेंगे और आपके पेज को index कर सकेंगे। इसीलिए अपनी website को proper way में design करें।
  13. Site Freshness :- कुछ professional का सोचना है की website पर लगातार नया content upload करना आपकी रैंकिंग को बढ़ाता है। परन्तू google algorithm यह नहीं कहता है की आप हर रोज़ कुछ नया upload करें।
  14. XML Sitemap :- Google के boats आपकी website के site map को read करते हैं। जिससे उन्हें यह पता चलता है की कौन सा पेज important है और कौन सा पेज कब update किया गया था।
  15. Site downtime :- अगर आपकी website बार-बार crash हो रही है या maintenance या server error के कारण बंद हो रही है तो यह भी आपकी ranking पर असर डालता है।
  16. Geo targeting :- यह factor mostly server की location को count करता है। जिसके कारण आपकी site अलग-अलग geographical location पर अलग-अलग तरीके से rank करती है।
  17. HTTPS Encryption :- Secure sites को google जल्दी consider करता है। इसिलिये अगर आपकी website पर SSL certificate है तो यह आपको ranking में help करता है।
  18. Privacy policy and terms of use page :- अगर आपकी website पर privacy policy और terms of usage के पेज हैं तो यह गूगल पर आपकी website के trust को बढ़ाते हैं। जिससे आपकी website को rank होने में help मिलती है।
  19. Duplicate title and description :- आपकी वेबसाइट के हर page का title और meta description unique होना चाहिए। इनमें से किसी में भी duplicacy बनती है तो यह आपकी रैंकिंग पर effect डालता है।
  20. Breadcrumb navigation :- किसी भी website में breadcrumb navigation का काम करते हैं। जिसकी मदद से user और boats को website के different pages के बीच का connection पता चलता है और वे समझ पाते हैं की वो किस पेज पर हैं।
  21. Responsiveness :- आज 2021 websites लगभग हर device पर open की जाती हैं। चाहे वो computer हो, mobile हो या tablet. जिसके कारण आपकी website का responsive होना बहुत जरुरी है। अगर आपकी website responsive नहीं है तो वह google में रैंक नहीं करेगी।
  22. Usability :- अगर आपकी website user friendly नहीं है या आपकी website का design इस तरह से हैं। जिससे user को जानकारी हासिल करने में मुश्किल होती है तो वह आपकी वेबसाइट से जल्दी exit कर जायेगा। जिससे आपका bounce rate बढ़ेगा और site रैंक नहीं कर पाएगी।
  23. Google analytics & webmaster tools :- Google analytics और webmaster tools दो ऐसे tools है जो आपकी site की सारी गतिविधियों के बारे में बताते हैं। For example :- audience visit, traffic details, bounce rate, backlinks, performance. Google के मुताबिक अगर आप अपनी website के लिए यह tools use करते हैं तो definitely यह आपकी रैंकिंग पर असर डालते हैं। क्योंकि यह आपको हर चीज़ की जानकारी बताते हैं।
  24. Online reputation :- Google audience में आपकी website की reputation को बहुत नजदिकी से count करता है। आपकी website पर audience के review और rating आपकी site की ranking decide करते है।
  25. Brand search :- अगर लोग आपकी website को search engine में type करके जानकारी हासिल करते हैं। तो यह google में आपकी brand value बढ़ाता है और google को लगता है की searched website एक real brand है।
  26. Content length :- किसी भी article के content की length google में important factor मानी जाती है। Google का algorithm यह समझता है की detail और descriptive तरीके से बताया हुआ content यूजर की search query से exact match करता है। जिससे google उस article को जल्दी रैंक करता है।
  27. Content table :- अगर आपने अपने article में content table add किया है तो यह user और google के boats को उस article के बारे में जानने में मदद करता है।
  28. Topic Coverage :- Google उन websites को ज्यादा preference देता है जो अपने topic की headings को detail और depth में बताते हैं। जिससे user को topic के बारे में जानने में help होती है।
  29. Site loading speed :- किसी भी site की loading speed गूगल के लिए काफी मायने रखती है। गूगल यह check करता है की कितनी तेज़ी से आपकी site load होती है। अगर आपकी साइट slow है तो यह आपकी site ranking पर असर डालती है।
Site loading speed
  1. Page loading speed via HTML :- जैसे की मैंने आपको बताया की किसी भी site की loading speed गूगल की रैंकिंग में एक important factor होती है। Similarly यह loading speed आपके site के HTML code पर भी depend करती है।
  2. Page loading speed via chrome :- Google किसी भी site की loading speed को browser की help से भी read करता है। मतलब की आपकी site का webpage कितनी speed से chrome या किसी दूसरे browser में load होता है।
  3. AMP Factor :- अगर आपने अपनी website में AMP link include किया है तो ज्यादा chance है की आपकी website mobile या छोटे gadgets में जल्दी रैंक कर सकती है।
  4. Duplicate Content :- अगर आपने अपनी site पर पहले से लिखा हुआ article किसी दूसरे article में include किया है, चाहे उसे थोड़ा modified करके किया है तो यह site की रैंकिंग पर negative impact डालता है।
  5. Conical tag :- अगर आपकी मज़बूरी है की आपको अपने एक article का content दूसरे article में लिखना है। तो इसे आप conical टtag की मदद से लिख सकते हैं। और अपनी site को penalize होने से बचा सकते हैं।
  6. Image optimization :- आपकी site पर मौजूद images अपने file name, alt text और description की मदद से google को important signal send करती है जो site की ranking में help करती है।
  7. Modification date :- Google का algorithm, latest content और updated content को support करता है। यही कारण है की site map latest updated article को show करता है।
  8. Magnitude of content updates :- Google का algorithm आपके website content के update ratio को count करता है। कितने समय में आप अपने content को update करते हैं यह गूगल read करता है। Article के content को पूरा update करना ज्यादा मायने रखता है बजाए इसके की आपने कुछ sentence को modify किया हो।
  9. Update frequency :- जैसा की हमने पहले बताया की गूगल के boats यज स्टडी करते है की कितने टाइम में कोई page update किया जाता है।
  10. Outbound links :- अगर आपने अपनी site को किसी authority site के साथ link किया हुआ है तो यह google का आपकी site पर trust बढ़ाता है।
  11. Grammar & Spellings :- अगर आपने अपने article में सही grammar और spelling use किये है तो यह भी एक factor है जो आपकी ranking improve करता है।
  12. Plagiariesed content :- अगर आपने अपना content किसी से copy किया है तो यह आपकी ranking पर negative effect डालता है।
  13. Hidden content :- अगर आपके article में कोई content hidden है या पूरी तरीके से user को visible नहीं है तो यह आपकी site की रैंकिंग पर असर डालता है।
  14. Supplementary content :- अगर आपकी site पर आपके page से related कोई additional या supplementary information मौजूद है तो यह site की ranking में help करती है। For Example :- Comment , reviews.
  15. Content hidden behind tabs :- अगर आपका content hidden है और user को उसे पढ़ने के लिए click करना पड़ता है तो यह आपकी साइट की ranking पर असर डालता है।
  16. Number of outbound links :- गूगल outbound और inbound links के number को count करता है। अगर आपने page काफी do follow link use किय है तो यह site indexing में problem create करता है।
  17. Multimedia :- अगर आपने अपने article में video, audio और infographics use किए हैं तो यह आपके page की quality को बढ़ाता है। जिससे साइट की ranking improve होती है।
  18. Deep links :-अगर आपने अपने किसी article को अपने दूसरे article के साथ inter link किया है तो यह उस article की importance बताता है।
  19. Quality of Internal links pointing to page :- आपकी site पर high authority पेज और उससे लिए हुए links बाकी दूसरे low rank page से ज्यादा importance रखते है।
  20. Broken links :- अगर आपकी साइट पर broken links (“404”) ज्यादा संख्या में मौजूद है तो google के boats ऐसी साइट को neglect कर देते हैं।
  21. Reading level :- Google का algorithm यह study करता है कि आपकी site पर मौजूद content user आसानी से पढ़ सकता है या उसे इसे पढ़ने में थोड़ी परेशानी होती है। गूगल इसे 3 level में divide करता है। Basic, Intermediate और advanced.
  22. URL Length :- अगर आपका URL जरुरत से ज्यादा ही lengthy है। तो यह आपके लिए एक disadvantage है क्योंकि google का algorithm short URL को ज्यादा preference देता है।
  23. URL Path :- अगर आपका URL आपके webpage के path को बताता है तो यह आपके SEO ranking को improve करता है। एक detailed URL path server पर पेज की location को बताता है।
  24. Page authority :- Website पर मौजूद जो page high authority link के साथ connected होते हैं ज्यादा अच्छा perform करते हैं बजाए उन pages के जो low authority link से connected होते हैं।
  25. Page Taxonomy :- अगर आपने website के page को categorized किया हुआ है या category में divide किया हुआ है तो SEO ranking में एक plus point साबित हो सकता है। इससे आपकी website का site structure improve होता है।
  26. Tags :- Website पर मौजूद tags की मदद से google के boats ज्यादा आसानी से समझ पाते हैं की आपका content किस चीज़ के बारे में हैं।
  27. URL string :- URL string से google को आपके पेज के बारे में जानकारी पता चलती है की आपका पेज किस topic के बारे में है। एक unorganized URL structure आपकी site की visibility पर असर डालती है।
  28. References and sources :- अगर आपके page पर authoritative reference मौजूद है या आपने अपने content में ऐसा reference use किया है। जो काफी authoritative है तो वह आपकी site की quality को improve करता है और ranking benefit करता है।
  29. Video Content :- अगर आपकी website पर content से related video भी मौजूद है तो यह आपकी साइट की visibility को boost करता है।
  30. Bullets and numbered lists :- अगर आपने अपना article bullet points और numbered lists के साथ लिखा है तो यह user friendly माना जाता है और user इसे आसानी से पढ़ सकते हैं। जिससे आपकी साइट की ranking improve होती है।
  31. Priority of page in sitemap :- अगर आपने अपने sitemap .xml file की help से किसी page को priority पर रखा है तो यह आपकी ranking पर असर डालता है।
  32. Keyword ranking :- Keyword ranking basically गूगल search result में किसी भी keyword के लिए आपके webpage की position बताती है। आपकी website का कोई भी एक page कईं सारे keywords के लिए रैंक सकता है। जिससे आपके web traffic पर असर पड़ता है।
  33. Age of page :- Generally google नए कंटेंट को promote करता है। पर regularly updated content नए content की importance को कम कर सकता है।
  34. Layout design :- किसी भी website का page layout काफी मायने रखता है। Google algorithm generally उन websites को ज्यादा importance देता है जिनका page layout user friendly हो और आसानी से पढ़ा जा सके।
  35. Useful content :- अगर आपका content अच्छा है और आपकी audience के लिए useful है तो वह automatically rank करेगा। और search results में भी priority हासिल करेगा।
  36. Anchor text hyperlinks :- Anchor text से आप इंटरनेट पर किसी भी एक position से दूसरी position पर जा सकते हैं। Anchor text किसी भी दो positions के बीच में anchor का काम करता है। आपकी वेबसाइट पर मौजूद anchor text hyperlinks आपकी site के relevancy को बताते हैं। और ranking को improve करने में अहम् role play करते हैं।
  37. Schema Usage :- Schema basically एक तरीके के microdata या tags होते हैं। जिनकी help से search engine आपकी site पर मौजूद information को correctly हासिल कर पाता है। ताकि google user को उसकी search से related जानकारी आसानी से और जल्दी पहुंचा सके। संक्षेप में बात करें तो schema search engine को यह बताता है की आपका page किस किस चीज़ के बारे में है। जिससे उसे रैंक होने में मदद मिलती है।
  38. Facebook page :- जिन websites का Facebook का official page होता है और जिन्हें likes मिले होते हैं। वे websites गूगल SERPS में काफी अच्छा effect डालती हैं।
  39. Twitter profile :- अगर आपकी website की twitter profile है और आपके केएन followers है। तो यह google को आपकी brand value को बताती है। और रैंकिंग को improve करती है।
  40. LinkedIn page :- अगर आपने अपनी company website बनाई है और उसका LinkedIn पेज बनाया है। तो यह भी रैंकिंग को improve करती है।
  41. Authentic Site :- गूगल के मुताबिक search result में जो online profile verified होती है। उन्हें उन प्रोफाइल के मुकाबले ज्यादा importance मिलती है। जिन्होंने बिना verification के content डाला हुआ है।
  42. Genuine social media accounts :- गूगल यह check करता है की आपका social media account genuine है या fake. Google में उन websites को ज्यादा importance मिलती है जिनका social account genuine होता है। और जिनका अपनी ऑडियंस के साथ अच्छा interaction है।
  43. NEWS domain :- जितनी भी बड़ी websites या brands है, हमेशा top stories panel में अपनी जगह reserve रखते हैं। कुछ website की तो अपनी news feed भी होती है जो उनकी रैंकिंग को boost करती है।
  44. Unlinked brand :- अगर किसी वेबसाइट का domain name उसके कंटेंट में बिना hyperlink के मौजूद है तो यह उस domain की brand quality को बताता है।
  45. Brick and mortar location :- जैसे सभी असली और सही business के offices होते हैं। गूगल भी location data की मदद से यह जानने की कोशिश करता है की website एक genuine brand है या नहीं।
  46. Keyword इन URL :- अगर आपने URL में आपका targeted keyword है तो यह आपकी search visibility को बढ़ाता है और ranking को improve करता है।
  47. Keyword as first word in domain :- अगर कोई domain अपने main keyword से शुरू होता है। तो वह बाकि दूसरे domain से जल्दी रैंक करता है। जिनके domain में वह keyword नहीं होता है।
  48. Keyword in subdomain :- अगर आपका keyword आपके subdomain में आता है तो यह भी आपकी site की ranking को improve करता है।
  49. Keyword in title tag :- अगर आपका targeted keyword आपके page के title में आता है तो यह गूगल में जल्दी रैंक करता है।
  50. Keyword domain :- अगर आपका targeted keyword ही आपका domain है तो यह भी आपकी साइट की ranking को improve करता है।
  51. Keyword position in title tag :- अगर आपका title आपके primary keyword से शुरू होता है तो यह google में जल्दी rank करता है।
  52. Keyword in meta description :- गूगल के boats user की search query के हिसाब से आपके page की description को study करते हैं। और जो website अपना targeted keyword अपने meta description में include करती है उन्हें google search engine में जल्दी ranking मिलती है।
  53. Keyword in H1 tag :- Generally H1 tag का use page के title लिखने में किया जाता है। और यही H1 tag user और google के द्वारा notice किया जाता है। अगर आपका targeted keyword H1 tag में आता है तो यह site की ranking को improve करता है।
  54. TF-IDF :- Term frequency inverse document एक वह method है जिससे गूगल यह जानकारी हासिल कर पाता है की कोई word आपके page में कितनी बार repeat हुआ है। अगर वह word बार बार repeat हो रहा है तो गूगल यह समझता है की webpage उसी word के बारे में है। जिससे आपकी website की relevancy का पता चलता है।
  55. Keyword density :- आपके topic में main keyword की density ज्यादा मायने नहीं रखती है। क्योंकि google इसे आपके page के बारे में जानने में use करता है। लेकिन एक limit से ज्यादा और बहुत ज्यादा keyword का use करना आपके लिए परेशानी बन सकता है।
  56. Latent semantic indexing keywords :- LSI keyword basically users और google spiders को यह जानने में मदद करता है की आपके webpage पर मौजूद कंटेंट किस चीज़ के बारे में है। LSI keyword आपके page के content की quality score को improve करता है।
Latent semantic indexing keywords
  1. LSI keyword in title & description :- अगर आपने LSI keyword को अपने title और description में include किया है तो यह आपके webpage पर मौजूद content की योग्यता को बढ़ाता है।
  2. Keyword Prominence :- अगर आपने अपना targeted keyword अपने content के first page में include किया है तो यह रैंकिंग में काफी उचित माना जाता है।
  3. Keyword in subheading :- किसी भी page का targeted keyword अगर उसकी subheading ( H2, H3… H5 ) में भी मौजूद है। तो यह google के boats को जानकारी हासिल करने में काफी मदद करता है और site की योग्यता को बढ़ाता है।
  4. Entity keyword match :- आपकी website के किसी भी पेज पर मौजूद content अगर user की queries से exact match करता है तो वह page particular keyword के लिए गूगल में अच्छी ranking हासिल करता है।
  5. Referring domain :- जैसा की हम जानते है की backlinks किसी भी site की ranking में सबसे important role play करते हैं। कोई भी site अगर multiple domain से link हासिल करती है तो यह ज्यादा chance है की वह अच्छी ranking हासिल करे। बजाए उन sites के जिन्होंने एक ही domain से link हासिल किया हुआ है।
  6. Linking domain Age :- पुरानी websites या वो websites जो काफ़ी time से working है। उन websites से लिए हुए links बहुत ज्यादा importance रखते है बजाए नई website से लिए हुए links के।
  7. C – class subnet link :- एक report के मुताबिक यह बताया जाता है की C- class IP address से लिए हुए links किसी भी website की ranking को आसानी से boost करते हैं।
  8. Linking Page :- Google एक ही domain से लिए हुए सभी inbound links को examine करता है। और उसी के अनुसार pages को search results में rank करता है।
  9. Inbound link Anchor :- गूगल के boats किसी भी webpage पर मौजूद inbound link anchor text से आसानी से जानकारी हासिल कर लेते हैं बजाए उस webpage पर मौजूद जानकारी के। Content में मौजूद anchor text गूगल के boats को site की relevancy के बारे में बताते हैं। लेकिन जरुरत से ज्यादा anchor text spamming को भी show करते हैं।
  10. Image backlinks :- गूगल के boats generally image alt text को anchor text की तरह ही read करते हैं। जिससे उन्हें page और image के बीच में मौजूद link को समझने में help मिलती है।
  11. Backlinks from .gov or .edu domain :- Govt. और education site से हासिल किये हुए backlinks google algorithm में काफी मायने रखते हैं।
  12. Referring domain authority :- जैसा की हम जानते हैं की backlinks किसी भी site की ranking में help करते हैं। लेकिन high authority domain से लिए हुए backlinks ज्यादा माईने रखते हैं बजाए low authority site से लिए हुए backlinks के।
  13. Authority of linking Page :- High authority domain की तरह कोई भी page अगर गूगल में काफी अच्छा rank कर रहा है। तो ऐसे पेज से use किये हुए inbound link दूसरे page की रैंकिग को improve करते हैं।
  14. Links from opponents :- ऐसा कोई भी inbound link जो आपने अपने competitor के page से हासिल किया है। गूगल रैंकिंग में कफी important role play करता है।
  15. Expertise site backlinks :- अगर आपने अपनी niche या अपनी field में मौजूद expert site से backlink हासिल किया है। तो यह आपकी site की ranking को improve करने में काफी help करता है।

to be continued…….

नमस्कार दोस्तों , मैं कुमार गौरव , techhind में writer हूँ। शिक्षा की बात करूँ तो मैं एक इंजीनियर हूँ। Techhind के माध्यम से मैं आपको technology से related नईं और सही जानकारी प्रदान करने की कोशिश करता हूँ। मेरा आप से अनुरोध है की आप हमें सहयोग देते रहें और हम आपको नईं और helpful जानकारी उपलब्ध कराते रहेंगे।

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